भारत बन्द से किसानों का भला नही होगा

ललित शास्त्री हम सभी अपने को कृषि विशेषज्ञ, अर्थशात्री, परमज्ञानी बन तरह-तरह के सुझाव देते रहते हैं, संसद में कानून बनाते रहते हैं और किसानों के हित के लिए झंडा लेकर छत पर चढ़ चीखते रहते हैं । यह सिलसिला स्वाधीनता के बहुत पहले से चला आ रहा है। जरूरत है सभी कृषि से जुड़े… Read More भारत बन्द से किसानों का भला नही होगा

‘पाताल लोक’ के निर्माताओं ने बहसंख्यक हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है

ललित शास्त्री “पाताल लोक” ऐमेज़ॉन वेब सीरीज का कथानक, स्पष्ट रूप से किसी खतरनाक उद्देश्य को लेकर तैयार किया गया है और इसमे जिस प्रकार हिंदु धर्म से जुड़े प्रतीकों को अपमानजनक तरीके से दर्शाया गया है वो भारत के बहुसंख्यक सनातन धर्म के अनुयाइयों की संववेदनाओं पर प्रहार और आस्था पर गहरी चोट है।… Read More ‘पाताल लोक’ के निर्माताओं ने बहसंख्यक हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है

शिवसेना: ये चोट गहरी लगी है…

विकास शुक्ल महीने भर बाद भाजपा और एन सी पी ने मिलकर सरकार बना ली। शिवसेना के युवराज की जिद के चलते इस बार शिवसेना मात खा गई है। मात भी ऐसी खाए हैं कि शिवसेना के लिए इससे उबर पाना कठिन है। कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन की नाकाम कोशिश करके शिवसेना ने… Read More शिवसेना: ये चोट गहरी लगी है…

पीड़ितों का दर्द कब समझेगी सरकार

पटना में जलजमाव कि समस्या को कई दिनों से झेलने के बाद अब पटना में  बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है डेंगू जैसी बीमारियों से कई लोग पीड़ित हो रहे है| पटना में जलजमाव कि समस्या से पटनावासी आज कई दिनों से लाचार एव परेशान है|आज कई दिनों से पटना में लगभग सभी इलाके में… Read More पीड़ितों का दर्द कब समझेगी सरकार

आगे दौड़, पीछे छोड़

केवल कृष्ण सेठी गत बहत्तर वर्श से भारत नौटंकी पर जी रहा है और इस स्थिति का अन्त नज़र नहीं आ रहा है। जब भारत स्वतन्त्र हुआ तो न तो शैक्षिक स्थिति ठीक थी, न ही आर्थिक। खाद्यान्न के मामले में हम आत्म निर्भर नहीं थे और उद्योग तो केवल नाम भर का था। पर… Read More आगे दौड़, पीछे छोड़

गणेश उत्सव का श्री गणेश

Ashish इस लेख की शुरुआत मैं बाल गंगाधर तिलक के एक कथन से करना चाहूंगा। “गीता धर्म कैसा है?………… वह सम है,अर्थात वर्ण, जाति, देश या किसी अन्य भेदों के झगड़ों में नहीं पड़ता,बल्कि सब लोगों को एक जैसे ही सद्गति देता है। वह अन्य सब धर्मों के विषय में यथोचित सहिष्णुता दिखलाता है। वह ज्ञान… Read More गणेश उत्सव का श्री गणेश

जन्माष्टमी की सार्थकता

आशीष कुमार यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥४-७॥ परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् ।धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥४-८॥ यह श्लोक हिंदू ग्रंथ गीता के प्रमुख श्लोकों में से एक है, जिसमें श्री कृष्ण अर्जुन से कह रहे हैं की जब-जब धर्म की हानि होती है अधर्म बढ़ता है सज्जन लोगों की… Read More जन्माष्टमी की सार्थकता